Got Questiones

 
 
 
कलिसिया का मेघारोहण (बादलो पर उठाया जाना) क्या है?
एक हजार वर्ष का राज्य क्या है, और क्या इसे शब्दिक रूप मे समझना चाहिए?
अंत के समयो की भविष्यवाणीयो के अनुसार क्या होने वाला है?
विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण कब घटित होगा?
क्या आत्मा के आश्चर्यजनक वरदान आज के लिए है?
मैं पवित्र आत्मा से कैसे परिपूर्ण हो सकता हूँ?
आत्मा की अगुवाई से बोलने का क्या अर्थ है? क्या आत्मा की अगुवाई में बोलने का वरदान आज भी है?
पवित्र आत्मा कौन है?
मैं परमेश्वर के साथ ठीक प्रकार से कैसे रह सकता हूँ?
मैंने अभी ही अपना विश्वास यीशु में रखा है … अब क्या?
चर्च (कलिसिया) क्या है?
चर्च (कलिसिया) का क्या उदेश्य है?
क्या स्त्रियों को उपदेशों (पादरियों)/प्रचारकों के रूप में सेवा करनी चाहिये?
क्रिश्चियन नामकरण संस्कार का क्या महत्व है?
श्यीशु मसीह का पुनरागमन क्या है?
प्रश्न: श्यीशु मसीह का पुनरागमन क्या है?

उत्तर:
यीशु मसीह का पुनरागमन विश्वासीयों की वह आशा है जिसमें प्रत्येक वस्तु परमेश्वर के नियंत्रण में है, और वह अपनीे प्रतीज्ञओं और भाविष्यवाणियों के विषय में विश्वासयोग है। यीशु मसीह अपने पहले आगमन में, बैतलैहम की एक गोशला में एक छोटे बालक के रूप में इस पृथ्वी पर आए, जैसे कि भविष्यवाणी की गई थी। यीशु ने अपने जन्म, जीवन, सेवकाई, मृत्यु और पुनरूत्थान मे मसीह के विषय में की गई बहुत सी भविष्यवाणियों को पुरा किया। यद्यपि, अभी भी कुछ मसीह के विषय में भविष्यवाणीयॉ है जिन्हें यीशु ने अभी तक पुरा नही किया है। मसीह का पुनरागमन मसीह की शेष रही हुई भविष्यवाणीयों को पुरा करने के लिए वापस आना है। यीशु अपने पहले आगमन में एक कष्ट सहने वाले सेवक थे। यीशु अपने पुनरागमन में,एक विजयी राजा होगे। यीशु अपने पहले आगमन में, बहुत ही साधारण और नगण्य परिस्थितयों में आए। यीशु अपने पुनरागमन में स्वर्ग की सेनाओं के साथ आएगे।

पुराने नियम के भविष्यवक्ताओं ने दोनो आगमन के बीच के अंतर को स्पष्ट नही किया। यह यशायाह 7:14, 9:6-7 और जर्कयाह 14:4 में देखा जा सकता है। इसके फलस्वरूप ऐसा प्रतीत होता है कि ये भविष्यवाणीया किसी दों व्यक्तियों के बारे में बात कर रही है, इसलिए बहुत से यहूदी विद्वान यह मानते थे कि एक कष्ट सहने वाला मसीहा होगा और एक विजयी मसीहा होगा। वे इस बात को नही समझ पाए थे कि केवल एक ही मसीह होगा जो दोनों भुमिकाओं को पूरा करेगा। यीशु अपने पहले आगमन में एक कष्ट सहने वाला सेवक बना (यशायाह अध्याय 53) यीशु अपने पुनरागमन में, यीशु एक इस्त्राएल को छुटकारा दिलाने वाला और राजा बनेगा। जर्कयाह 12:10 और प्रकाशितवाक्य 1:7 पुनरागमन का वर्णन करते हुए पीछे की ओर देखते है कि यीशु को भेदा गया है। इस्त्राएल और सारा संसार, यीशु के प्रथम आगमन पर ग्रहण न करने के कारण विलाप करेगे।

यीशु जब स्वर्ग चला गए, स्वर्गदूतो ने प्रेरितो को धोषित किया कि, “हे गलीली के पुरूषो तुम क्यो खडे आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को पाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा” (प्रेरितो के काम 1:11)। जर्कयाह 14:4 के अनुसार पुनरागमन का स्थान जैतून के पहाड़ को दर्शाता है। मत्ती 24:30 घोषित करता है कि तब मनुष्य के पुत्र का चिन्ह आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलो के लोग छाती पीठेगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामथ्र्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलो पर आते देखेगे। तीतुस 2:13 दूसरे आगमन का वर्णन “महिमा के साथ प्रगट होना” कह कर करता है।

प्रकाशितवाक्य 19:11-16 मे पुनरागमन का वर्णन बडे़ विस्तार से किया है, “फिर मैने स्वर्ग को खुला हुआ देखा और देखता हू कि एक श्वेत घोडा है और उस पर एक सवार है, जो विश्वास योग्य और सत्य कहलाता; है और वह धर्म के साथ न्याय और यु़द्व करता है। उसकी ऑखे आग की ज्वाला है, और उसके सिर पर बहुत से राजमुकुट है। उस पर एक नाम लिखा है जिसे उसको छोड और कोई नही जानता। वह लहू छिडका हुआ वस्त्र पहिने है और उसका परमेश्वर का वचन है। स्वर्ग की सेना श्वेत घोडो पर सवार और श्वेत और शुद्व मलमल पहिने हुए उसके पीछे पीछे है जाति जाति को मारने के लिए उसके मुह से एक चोखी तलवार निकलती है। वह लोहे का राजदण्ड लिये हुए उन पर राज्य करेगा और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के भयानक प्रकोप की जलजलाहत की मदिरा के कुंड मे दाख रौदेगा। उसके वस्त्र और जॉच पर यह नाम लिखा है : राजाओ का राजा और प्रभुओ का प्रभु”।
विपत्तिकाल क्या है? हम कैसे जानते है कि विपत्तिकाल सात वर्षो का होगा?
श्यीशु मसीह का पुनरागमन क्या है?
कलिसिया का मेघारोहण (बादलो पर उठाया जाना) क्या है?
अन्त समयो के क्या चिन्ह है?
पवित्र आत्मा के विरूद्ध निन्दा क्या है?
हम पवित्र आत्मा को कब/कैसे प्राप्त करते हैं?
मैं कैसे जान सकता हूँ कि मेरा आत्मिक वरदान क्या है?
जीवन का अर्थ क्या है?
अंत के समयो की भविष्यवाणीयो के अनुसार क्या होने वाला है?
क्या बाइबल सच में परमेश्वर का वचन है?
प्रभु भोज/ मसीही संगति का क्या महत्त्व है?
चर्च (कलिसिया) में उपस्थिति होना क्यों महत्वपूर्ण है?
मैं संगठित धर्म में क्यो विश्वास करू?
सब्त किस दिन होता है, शनिवार या रविवार? क्या मसीही लोगों को सब्त का दिन मानना चाहिए?