Got Questiones

 
 
 
कलिसिया का मेघारोहण (बादलो पर उठाया जाना) क्या है?
एक हजार वर्ष का राज्य क्या है, और क्या इसे शब्दिक रूप मे समझना चाहिए?
अंत के समयो की भविष्यवाणीयो के अनुसार क्या होने वाला है?
विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण कब घटित होगा?
क्या आत्मा के आश्चर्यजनक वरदान आज के लिए है?
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आत्मा की अगुवाई से बोलने का क्या अर्थ है? क्या आत्मा की अगुवाई में बोलने का वरदान आज भी है?
पवित्र आत्मा कौन है?
मैं परमेश्वर के साथ ठीक प्रकार से कैसे रह सकता हूँ?
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चर्च (कलिसिया) क्या है?
चर्च (कलिसिया) का क्या उदेश्य है?
क्या स्त्रियों को उपदेशों (पादरियों)/प्रचारकों के रूप में सेवा करनी चाहिये?
क्रिश्चियन नामकरण संस्कार का क्या महत्व है?
विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण कब घटित होगा?
प्रश्न: विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण कब घटित होगा?

उत्तर:
आज कलिसिया मे विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण (कलिसिया का बादलो पर उठाया जाना) का समय सबसे विवादसपद मुदो मे से एक है। तीन मुख्य विचार है एक विपत्तिकाल से पहले वाला विचार (जिसके अनुसार पुनरागमन विपत्तिकाल से पहले घटित होता है), विपत्तिकाल के मध्य वाला विचार (जिसके अनुसार पुनरागमन विपत्तिकाल के मध्य घाटित होता है), विपत्तिकाल के बाद वाला विचार (जिसके अनुसार पुनरागमन विपत्तिकाल के बाद घटित होता है)। एक चौथा विचार भी है, जिसे आमतौर से क्रोध से पूर्व, के नाम जाना जाता है, यह मध्य विपत्तिकाल वाले विचार मे थोड़ा परिवर्तन करता है।

पहले, (विपत्तिकाल ) के उदेश्य को पहचानना महत्वपूर्ण है। दानियल 9:27 के अनुसार अभी भी सत्तरवे सात (सात वर्ष) का आना बाकि है। दानियल की सत्तर सात की सारी भविष्यवाणी (दानियल 9:20-27) इस्त्राएल राष्ट्र से सम्बन्धित है। यह वह समय काल है जब परमेश्वर अपना ध्यान विशेष कर इस्त्राएल पर ही लगाता है। सत्तरवॉ सात, विपत्तिकाल, ऐसा समय भी होगा जब परमेश्वर मुख्यता इस्त्राएल से ही निपटेगे। जबकि यह आवश्यक रूप से ऐसा सकेत नही देता कि कलिसिया भी उपस्थित नही हो सकती, परन्तु यह बात इस प्रश्न को अवश्य सामने लाती है कि कलिसिया का उस समय के दोरान इस धरती पर होना क्यों आवश्यक है।

मेघारोहण (कलिसिया का बादलो पर उठाया जाना) पर पवित्र शास्त्र का मुख्य लेख थिस्सलुनीकियो 4:13-18 है। यह कहता है कि सभी जीवित विश्वासी उन सब विश्वसियो के साथ है प्रभु यीशु से हवा मे मिलेगे और हमेशा उसके साथ होगे। मेघारोहण (कलिसिया का बादलो पर उठाया जाना) परमेश्वर का अपने लोगो को पृथ्वी पर से निकालना है। कुछ वचन बाद, थिस्सलुनीकियो 5:9 मे, पौलुस कहता है क्योंकि परमेश्वर ने हमे क्रोध के लिए नही, पुरन्त इसलिए ठहराया है अपने प्रभु यीश मसीह के द्वारा उद्वार प्राप्त करे। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक जो मुख्यता विपत्ति के समयकाल के विषय मे है, एक भविष्यवाणी का सन्देश है कि कैसे परमेश्वर विपत्तिकाल मे अपने क्रोध को पृथ्वी पर उण्डेलेगे। परमेश्वर के विषय मे विश्वासीयो से यह प्रतीज्ञा करना कि वह क्रोध से बच जाऐगे और फिर उन्हे क्रोध को सहने के लिए धरती पर छोड देना विरोधभासी लगता है। यह तथ्य कि परमेश्वर मसीहीयो को क्रोध से बचा लेने की प्रतीज्ञा उन्हे पृथ्वी पर से निकाल लेने की प्रतीज्ञा के शीघ्र बाद करते है इन दोनो धटनाओ को साथ मे जोडता हुआ लगता है।

पुरागमन के विषय मे एक दुसरा महत्वपूर्ण लेख प्रकाशितवक्य 3:10 है, जिसमे मसीह विश्वसियो को “परिक्षा की उस घडी से जो इस पृथ्वी पर आनेवाली है बचाने की प्रतीज्ञा करते है। इसका अर्थ दो बातो हो सकती है। या तो मसीह विश्वसियो को परीक्षाओ के मध्य सुरक्षित रखेगे या मसीह विश्वसियो को परीक्षाओ से निकाल लेगे। दोनो अनुवादीत युनानी शब्द “से” के मान्य अर्थ है। यद्यपि, यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि विश्वासीयो को किस से सुरक्षित रखने की प्रतीज्ञा की गई है। यह केवल परीक्षा ही नही, परन्तु परीक्षा की घडी है। मसीह विश्वासीयो को उस समय काल से ही बचा लेने की प्रतीज्ञा कर रहे है जिसमे परीक्षाए है, अर्थात् विपत्तिकाल । विपत्ति के समयकाल का उदेश्य, मेघारोहण (कलिसिया का बादलो पर उठाया जाना) का उदेश्य, थिस्सलुनीकियो 5:9 का अर्थ और प्रकाशितवाक्य 3:10 की व्याख्या सभी विपत्तिकाल से पहले के विचार का स्पष्ट समर्थन करते है। यदि बाइबल की शब्दिक रूप से और सुसगत व्याख्या की जाए, तो विपत्ति के समयकाल से पहले का विचार सबसे अधिक बाइबल पर आधारित व्याख्या है।

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