Got Questiones

 
 
 
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एक हजार वर्ष का राज्य क्या है, और क्या इसे शब्दिक रूप मे समझना चाहिए?
अंत के समयो की भविष्यवाणीयो के अनुसार क्या होने वाला है?
विपत्तिकाल के सम्बन्ध मे मेघारोहण कब घटित होगा?
क्या आत्मा के आश्चर्यजनक वरदान आज के लिए है?
मैं पवित्र आत्मा से कैसे परिपूर्ण हो सकता हूँ?
आत्मा की अगुवाई से बोलने का क्या अर्थ है? क्या आत्मा की अगुवाई में बोलने का वरदान आज भी है?
पवित्र आत्मा कौन है?
मैं परमेश्वर के साथ ठीक प्रकार से कैसे रह सकता हूँ?
मैंने अभी ही अपना विश्वास यीशु में रखा है … अब क्या?
चर्च (कलिसिया) क्या है?
चर्च (कलिसिया) का क्या उदेश्य है?
क्या स्त्रियों को उपदेशों (पादरियों)/प्रचारकों के रूप में सेवा करनी चाहिये?
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चर्च (कलिसिया) क्या है?

प्रश्न: चर्च (कलिसिया) क्या है?

उत्तर:
बहुत से लोग आज चर्च (कलिसिया) को एक इमारत समझते हैं । यह चर्च (कलिसिया) की बाइबल के अनुसार की समझ नहीं है। ‘‘चर्च’’ शब्द युनानी शब्द एकलिसिया से आता है जिसकी परिभाषा ‘‘एक मण्डली’’ या ‘‘बुलाए गए’’ है। ‘‘चर्च’’ के मूल अर्थ का सम्बन्ध इमारत से नहीं, बल्कि लोगों से है। यह विण्डम्बना है कि जब आप लोगो से पूछते है कि वह किस चर्च में जाते हैं, तो वह अकसर किसी इमारत के बारे मे बताते है । रामियो 16:5 कहता है ‘‘....................उनके घर में एकत्र होने वाली कलिसिया को भी नमस्कार।’’ पोलुस उनके घर में चर्च (कलिसिया) के बारे में बात करता है- चर्च (कलिसिया) की इमारत के विषय में नहीं, परन्तु विश्वासियां के समुह के लिए ।

चर्च (कलिसिया) मसीह की देह है, जिसका वह सिर है। इफिसियो 1:22-23 कहता है कि, ‘‘परमेश्वर ने सब कुछ मसीह के चरणों के तले रखा और उसे सब पर शिरोमणि नियुक्त कर कलिसिया को दे दिया । यह कलिसिया मसीह की देह है, मसीह की परिपूर्णता है, जो सब में सब कुछ पूर्ण करता हैं’’ । पैन्तिकुस्त के दिन से (प्रेरितो के काम अध्याय 2) मसीह की देह सब विश्वासीयो से बनी है मसीह के पुन आगमन तक । मसीह की देह में दो पहलू सम्मिलित है:

1)सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) में वे सम्मिलित है जिन का यीशु मसीह के साथ व्यक्तिगत सम्बन्ध है। ‘‘ हम यहूदी हो या यूनानी, गुलाम हो या स्वतन्त्र - हम सब ने एक आत्मा द्वारा एक देह में बपतिस्मा लिया है। हम सबने एक ही आत्मा का पान किया है’’ (कुरिन्थियों 12:13) यह पद कहता है कि जो कोई विश्वास करता है वह मसीह की देह का भाग है और प्रमाण के रूप में मसीह की आत्मा पाई है। परमेश्वर का सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) वह है जिन्होने यीशु मसीह पर विश्वास के द्वारा उद्धार पाया है।

2)गलातियो 1:1-2: में स्थानीय चर्च (कलिसिया) का विवरण किया है: ‘‘मुझ पोलुस और सब भाईयों की और से जो मेरे साथ है, गलातियो प्रदेश की कलिसियाओ..............’’। हम यहाँ देखते हैं कि गलातिया प्रदेश में कई चर्च (कलिसियाए) थी - जिसे हम स्थानीय चर्च (कलिसियाए) कहते है। बैपटिस्ट चर्च (कलिसिया) लूदरन चर्च (कलिसिया), कैथोलीक चर्च (कलिसिया) आदि, सार्वभौमिक चर्च नहीं है- बल्कि स्थानीय चर्च (कलिसिया) है, विश्वासीयो का एक स्थानीय समूह । सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) में वे सम्मिलित है जो मसीह के जन है और उस पर उद्धार के लिए विश्वास करते हैं। इस सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) के सदस्यों को स्थानीय चर्च (कलिसिया) में संगति और उाति के लिए जाना चाहिए ।

सन्क्षेप में, चर्च (कलिसिया) कोई इमारत या कोई सम्प्रदाय (डीनोमीनशेन) नहीं है। बाइबल के अनुसार चर्च (कलिसिया) मसीह की देह है वह सब जिन्होने यीशु मसीह पर उद्धार के लिए विश्वास किया है (यूहत्रा 3:16, 1कुरिन्थियो 12:13) । स्थानीय चर्च (कलिसिया) सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) के सदस्यो की संगति है। स्थानीय चर्च (कलिसिया) वह है जहाँ सार्वभौमिक चर्च (कलिसिया) के सदस्य 1 कुरिन्थियो अध्याय 12 मे ‘‘देह’’ के लिए नियम: उत्साहित करना, शिक्षा देना, और प्रभु यीशु मसीह के ज्ञान और अनुग्रह में एक दूसरे की उाति करने को पूर्णतया व्यवहार में ला सकते है।


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