Hindi Bible

 
 
 
मीका

अध्याय 1

1 यहोवा का वचन, जो यहूदा के राजा योताम, आहाज और हिजकिय्याह के दिनों में मीका मोरेशेती को पहुंचा, जिस को उसने शोमरोन और यरूशलेम के विषय में पाया॥
2 हे जाति-जाति के सब लोगों, सुनो! हे पृथ्वी तू उस सब समेत जो तुझ में है, ध्यान दे! और प्रभु यहोवा तुम्हारे विरुद्ध, वरन परमेश्वर अपने पवित्र मन्दिर में से तुम पर साक्षी दे।
3 क्योंकि देख, यहोवा अपने पवित्र स्थान से बाहर निकल रहा है, और वह उतर कर पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलेगा।
4 और पहाड़ उसके नीचे गल जाएंगे, और तराई ऐसे फटेंगी, जैसे मोम आग की आंच से, और पानी जो घाट से नीचे बहता है।
5 यह सब याकूब के अपराध, और इस्राएल के घराने के पाप के कारण से होता है। याकूब का अपराध क्या है? क्या सामरिया नहीं? और यहूदा के ऊंचे स्थान क्या हैं? क्या यरूशलेम नहीं?
6 इस कारण मैं सामारिया को मैदान के खेत का ढेर कर दूंगा, और दाख का बगीचा बनाऊंगा; और मैं उसके पत्थरों को खड्ड में लुढ़का दूंगा, और उसकी नेव उखाड़ दूंगा।
7 उसकी सब खुदी हुई मूरतें टुकड़े टुकड़े की जाएंगी; और जो कुछ उसने छिनाला कर के कमाया है वह आग से भस्म किया जाएगा, और उसकी सब प्रतिमाओं को मैं चकनाचूर करूंगा; क्योंकि छिनाले ही की कमाई से उसने उसको संचय किया है, और वह फिर छिनाले की सी कमाई हो जाएगी॥
8 इस कारण मैं छाती पीटकर हाय, हाय, करूंगा; मैं लुटा हुआ सा और नंगा चला फिरा करूंगा; मैं गीदड़ों की नाईं चिल्लाऊंगा, और शतुर्मुगों की नाईं रोऊंगा।
9 क्योंकि उसका घाव असाध्य है; और विपत्ति यहूदा पर भी आ पड़ी, वरन वह मेरे जातिभाइयों पर पड़कर यरूशलेम के फाटक तक पहुंच गई है॥
10 गात नगर में इसकी चर्चा मत करो, और मत रोओ; बेतआप्रा में धूलि में लोटपोट करो।
11 हे शापीर की रहने वाली नंगी हो कर निर्लज चली जा; सानान की रहने वाली नहीं निकल सकती; बेतसेल के रोने पीटने के कारण उसका शरण स्थान तुम से ले लिया जाएगा।
12 क्योंकि मारोत की रहने वाली तो कुशल की बाट जोहते-जोहते तड़प गई है, क्योंकि यहोवा की ओर से यरूशलेम के फाटक तक विपत्ति आ पहुंची है।
13 हे लाकीश की रहने वाली अपने रथों में वेग चलने वाले घोड़े जोत; तुझी से सिय्योन की प्रजा के पाप का आरम्भ हुआ, क्योंकि इस्राएल के अपराध तुझी में पाए गए।
14 इस कारण तू गात के मोरेशेत को दान देकर दूर कर देगा; अकजीब के घर से इस्राएल के राजा धोखा ही खाएंगे।
15 हे मारेशा की रहने वाली मैं फिर तुझ पर एक अधिकारी ठहराऊंगा, और इस्राएल के प्रतिष्ठित लोगों को अदुल्लाम में आना पड़ेगा।
16 अपने दुलारे लड़कों के लिये अपना केश कटवा कर सिर मुंड़ा, वरन अपना पूरा सिर गिद्ध के समान गंजा कर दे, क्योंकि वे बंधुए हो कर तेरे पास से चले गए हैं।


अध्याय 2

1 हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं।
2 वे खेतों का लालच कर के उन्हें छीन लेते हैं, और घरों का लालच कर के उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
3 इस कारण, यहोवा यों कहता है, मैं इस कुल पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूं, जिस के नीचे से तुम अपनी गर्दन हटा न सकोगे; क्योंकि वह विपत्ति का समय होगा।
4 उस समय यह अत्यन्त शोक का गीत दृष्टान्त की रीति पर गाया जाएगा: हम तो सर्वनाश हो गए; वह मेरे लोगों के भाग को बिगाड़ता है; हाय, वह उसे मुझ से कितनी दूर कर देता है! वह हमारे खेत बलवा करने वाले को दे देता है।
5 इस कारण तेरा ऐसा कोई न हो, जो यहोवा की मण्डली में चिट्ठी डाल कर नापने की डोरी डाले॥
6 बकवासी कहा करते हैं, कि बकवास न करो। इन बातें के लिये न कहा करो; ऐसे लोगों में से अपमान न मिटेगा।
7 हे याकूब के घराने, क्या यह कहा जाए कि यहोवा का आत्मा अधीर हो गया है? क्या ये काम उसी के किए हुए हैं? क्या मेरे वचनों से उसका भला नहीं होता जो सीधाई से चलता है?
8 परन्तु कल की बात है कि मेरी प्रजा शत्रु बन कर मेरे विरुद्ध उठी है; तुम शान्त और भोले-भाले राहियों के तन पर से चादर छीन लेते हो जो लड़ाई का विचार न कर के निधड़क चले जाते हैं।
9 मेरी प्रजा की स्त्रियों को तुम उनके सुखधामों से निकाल देते हो; और उनके नन्हें बच्चोंसे तुम मेरी दी हुई उत्तम वस्तुएं सर्वदा के लिये छीन लेते हो।
10 उठो, चले जाओ! क्योंकि यह तुम्हारा विश्राम स्थान नहीं है; इसका कारण वह अशुद्धता है जो कठिन दु:ख के साथ तुम्हारा नाश करेगी।
11 यदि कोई झूठी आत्मा में चलता हुए झूठी और व्यर्थ बातें कहे और कहे कि मैं तुम्हें नित्य दाखमधु और मदिरा के लिये प्रचार सुनाता रहूंगा, तो वही इन लोगों का भविष्यद्वक्ता ठहरेगा॥
12 हे याकूब, मैं निश्चय तुम सभों को इकट्ठा करूंगा; मैं इस्राएल के बचे हुओं को निश्चय इकट्ठा करूंगा; और बोस्रा की भेड़-बकरियों की नाईं एक संग रखूंगा। उस झुण्ड की नाईं जो अच्छी चराई में हो, वे मनुष्यों की बहुतायत के मारे कोलाहल मचाएंगे।
13 उनके आगे आगे बाड़े का तोड़ने वाला गया है, इसलिये वे भी उसे तोड़ रहे हैं, और फाटक से हो कर निकल जा रहे हैं; उनका राजा उनके आगे आगे गया अर्थात यहोवा उनका सरदार और अगुवा है॥

अध्याय 3

1 और मैं ने कहा, हे याकूब के प्रधानों, हे इस्राएल के घराने के न्याइयों, सुनो! क्या न्याय का भेद जानना तुम्हारा काम नहीं?
2 तुम तो भलाई से बैर, और बुराई से प्रीति रखते हो, मानो, तुम, लोगों पर से उनकी खाल, और उनकी हड्डियों पर से उनका मांस उधेड़ लेते हो;
3 वरन तुम मेरे लोगों का मांस खा भी लेते, और उनकी खाल उधेड़ते हो; तुम उनकी हड्डियों को हांड़ी में पकाने के लिये टुकड़े टुकड़े करते हो।
4 वे उस समय यहोवा की दोहाई देंगे, परन्तु वह उनकी न सुनेगा, वरन उस समय वह उनके बुरे कामों के कारण उन से मुंह फेर लेगा॥
5 यहोवा का यह वचन है कि जो भविष्यद्वक्ता मेरी प्रजा को भटका देते हैं, और जब उन्हें खाने को मिलता है तब शान्ति, शान्ति, पुकारते हैं, और यदि कोई उनके मुंह में कुछ न दे, तो उसके विरुद्ध युद्ध करने को तैयार हो जाते हैं।
6 इस कारण तुम पर ऐसी रात आएगी, कि तुम को दर्शन न मिलेगा, और तुम ऐसे अन्धकार में पड़ोगे कि भावी न कह सकोगे। भविष्यद्वक्ताओं के लिये सूर्य अस्त होगा, और दिन रहते उन पर अन्धियारा छा जाएगा।
7 दर्शी लज्जित होंगे, और भावी कहने वालों के मुंह काले होंगे; और वे सब के सब अपने ओठों को इसलिये ढांपेंगे कि परमेश्वर की ओर से उत्तर नहीं मिलता।
8 परन्तु मैं तो यहोवा की आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम पाकर परिपूर्ण हूं कि मैं याकूब को उसका अपराध और इस्राएल को उसका पाप जता सकूं।
9 हे याकूब के घराने के प्रधानों, हे इस्राएल के घराने के न्यायियो, हे न्याय से घृणा करने वालो और सब सीधी बातों की टेढ़ी-मेढ़ी करने वालो, यह बात सुनो।
10 तुम सिय्योन को हत्या कर के और यरूशलेम को कुटिलता कर के दृढ़ करते हो।
11 उसके प्रधान घूस ले ले कर विचार करते, और याजक दाम ले ले कर व्यवस्था देते हैं, और भविष्यद्वक्ता रूपये के लिये भावी कहते हैं; तौभी वे यह कहकर यहोवा पर भरोसा रखते हैं, यहोवा हमारे बीच में है, इसलिये कोई विपत्ति हम पर न आएगी।
12 इसलिये तुम्हारे कारण सिय्योन जोत कर खेत बनाया जाएगा, और यरूशलेम डीह ही डीह हो जाएगा, और जिस पर्वत पर भवन बना है, वह वन के ऊंचे स्थान सा हो जाएगा॥ ="12">इसलिथे तुम्हारे कारण सिय्योन जोतकर खेत बनाया जाएगा, और यरूशलेम डींह ही डींह हो जाएगा, और जिस पर्वत पर भवन बना है, वह वन के ऊंचे स्यान सा हो जाएगा।।


अध्याय 4

1 अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाडिय़ों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे।
2 और बहुत जातियों के लोग जाएंगे, और आपस में कहेंगे, आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिय्योन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।
3 वह बहुत देशों के लोगों का न्याय करेगा, और दूर दूर तक की सामर्थी जातियों के झगड़ों को मिटाएगा; सो वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालोंसे हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध तलवार फिर न चलाएगी;
4 और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे। परन्तु वे अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले बैठा करेंगे, और कोई उन को न डराएगा; सेनाओं के यहोवा ने यही वचन दिया है॥
5 सब राज्यों के लोग तो अपने अपने देवता का नाम ले कर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम ले कर सदा सर्वदा चलते रहेंगे॥
6 यहोवा की यह वाणी है, उस समय मैं प्रजा के लंगड़ों को, और बरबस निकाले हुओं को, और जिन को मैं ने दु:ख दिया है उन सब को इकट्ठे करूंगा।
7 और लंगड़ों को मैं बचा रखूंगा, और दूर किए हुओं को एक सामर्थी जाति कर दूंगा; और यहोवा उन पर सिय्योन पर्वत के ऊपर से सदा राज्य करता रहेगा॥
8 और हे एदेर के गुम्मट, हे सिय्योन की पहाड़ी, पहिली प्रभुता अर्थात यरूशलेम का राज्य तुझे मिलेगा॥
9 अब तू क्यों चिल्लाती है? क्या तुझ में कोई राजा नहीं रहा? क्या तेरा युक्ति करने वाला नाश हो गया, जिस से जच्चा स्त्री की नाईं तुझे पीड़ा उठती है?
10 हे सिय्योन की बेटी, जच्चा स्त्री की नाईं पीड़ा उठा कर उत्पन्न कर; क्योंकि अब तू गढ़ी में से निकल कर मैदान में बसेगी, वरन बाबुल तक जाएगी; वहीं तू छुड़ाई जाएगी, अर्थात वहीं यहोवा तुझे तेरे शत्रुओं के वश में से छुड़ा लेगा॥
11 और अब बहुत सी जातियां तेरे विरुद्ध इकट्ठी हो कर तेरे विषय में कहेंगी सिय्योन अपवित्र की जाए, और हम अपनी आंखों से उसको निहारें।
12 परन्तु वे यहोवा की कल्पनाएं नहीं जानते, न उसकी युक्ति समझते हैं, कि वह उन्हें ऐसा बटोर लेगा जैसे खलिहान में पूले बटोरे जाते हैं।
13 हे सिय्योन, उठ और दांव कर, मैं तेरे सींगों को लोहे के, और तेरे खुरों को पीतल के बना दूंगा; ओर तू बहुत सी जातियों को चूरचूर करेगी, ओर उनकी कमाई यहोवा को और उनकी धन-सम्पत्ति पृथ्वी के प्रभु के लिये अर्पण करेगी॥

अध्याय 5

1 अब हे बहुत दलों की स्वामिनी, दल बान्ध-बान्धकर इकट्ठी हो, क्योंकि उसने हम लोगों को घेर लिया है; वे इस्राएल के न्यायी के गाल पर सोंटा मारेंगे।
2 हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
3 इस कारण वह उन को उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौट कर उन से मिल जाएंगे।
4 और वह खड़ा हो कर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान् ठहरेगा॥
5 और वह शान्ति का मूल होगा, जब अश्शूरी हमारे देश पर चढ़ाई करें, और हमारे राजभवनों में पांव धरें, तब हम उनके विरुद्ध सात चरवाहे वरन आठ प्रधान मनुष्य खड़ें करेंगे।
6 और वे अश्शूर के देश को वरन पैठाव के स्थानों तक निम्रोद के देश को तलवार चला कर मार लेंगे; और जब अश्शूरी लोग हमारे देश में आएं, और उसके सिवाने के भीतर पांव धरें, तब वही पुरूष हम को उन से बचाएगा।
7 और याकूब के बचे हुए लोग बहुत राज्यों के बीच ऐसा काम देंगे, जैसा यहोवा की ओर से पड़ने वाली ओस, और घास पर की वर्षा, जो किसी के लिये नहीं ठहरती और मनुष्यों की बाट नहीं जोहती।
8 और याकूब के बचे हुए लोग जातियों में और देश देश के लोगों के बीच ऐसे होंगे जैसे वन पशुओं में सिंह, वा भेड़-बकरियों के झुण्डों में जवान सिंह होता है, क्योंकि जब वह उनके बीच में से जाए, तो लताड़ता और फाड़ता जाएगा, और कोई बचा न सकेगा।
9 तेरा हाथ तेरे द्रोहियों पर पड़े, और तेरे सब शत्रु नाश हो जाएं॥
10 यहोवा की यही वाणी है, उस समय मैं तेरे घोड़ों को तेरे बीच में से नाश करूंगा; और तेरे रथों का विनाश करूंगा।
11 ओर मैं तेरे देश के नगरों को भी नाश करूंगा, और तेरे किलों को ढा दूंगा।
12 और मैं तेरे तन्त्र-मन्त्र नाश करूंगा, और तुझ में टोन्हे आगे को न रहेंगे।
13 ओर मैं तेरी खुदी हुई मूरतें, और तेरी लाठें, तेरे बीच में से नाश करूंगा; और तू आगे को अपने हाथ की बनाई हुई वस्तुओं को दण्डवत न करेगा।
14 और मैं तेरी अशेरा नाम मूरतों को तेरी भूमि में से उखाड़ डालूंगा, और तेरे नगरों का विनाश करूंगा।
15 और मैं अन्यजातियों से जो मेरा कहा नहीं मानतीं, क्रोध और जल जलाहट के साथ पलटा लूंगा॥

अध्याय 6

1 जो बात यहोवा कहता है, उसे सुनो : उठ कर, पहाड़ों के साम्हने वादविवाद कर, और टीले भी तेरी सुनने पाएं।
2 हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुकद्दमा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है॥
3 हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या किया, और क्या कर के मैं ने तुझे उकता दिया है?
4 मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया।
5 हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालाक ने तेरे विरुद्ध कौन सी युक्ति की? और बोर के पुत्र बिलाम ने उसको क्या सम्मत्ति दी? और शित्तिम से गिल्गाल तक की बातों का स्मरण कर, जिस से तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके॥
6 मैं क्या ले कर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहने वाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े ले कर उसके सम्मुख आऊं?
7 क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं?
8 हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
9 यहोवा इस नगर को पुकार रहा है, और सम्पूर्ण ज्ञान, तेरे नाम का भय मानना है: राजदण्ड की, और जो उसे देने वाला है उसकी बात सुनो!
10 क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है?
11 क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली ले कर पवित्र ठहर सकता हूं?
12 यहां के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहां के सब रहने वाले झूठ बोलते हैं और उनके मुंह से छल की बातें निकलती हैं।
13 इस कारण मैं तुझे मारते मारते बहुत ही घायल करता हूं, और तेरे पापों के कारण तुझ को उजाड़ डालता हूं।
14 तू खाएगा, परन्तु तृप्त न होगा, तेरा पट जलता ही रहेगा; और तू अपनी सम्पत्ति ले कर चलेगा, परन्तु न बचा सकेगा, और जो कुछ तू बचा भी ले, उसको मैं तलवार चला कर लुटवा दूंगा।
15 तू बोएगा, परन्तु लवेगा नहीं; तू जलपाई का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा।
16 क्योंकि वे ओम्री की विधियों पर, और अहाब के घराने के सब कामों पर चलते हैं; और तुम उनकी युक्तियों के अनुसार चलते हो; इसलिये मैं तुझे उजाड़ दूंगा, और इस नगर के रहने वालों पर ताली बजवाऊंगा, और तुम मेरी प्रजा की नामधराई सहोगे॥



अध्याय 7

1 हाय मुझ पर! क्योंकि मैं उस जन के समान हो गया हूं जो धूपकाल के फल तोड़ने पर, वा रही हुई दाख बीनने के समय के अन्त में आ जाए, मुझे तो पक्की अंजीरों की लालसा थी, परन्तु खाने के लिये कोई गुच्छा नहीं रहा।
2 भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगा कर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं।
3 वे अपने दोनों हाथों से मन लगा कर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिल कर जालसाजी करते हैं।
4 उन में से जो सब से उत्तम है, जो सब से सीधा है, वह कांटे वाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरूओं का कहा हुआ दिन, अर्थात तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र चौंधिया जाएंगे।
5 मित्र पर विश्वास मत करो, परममित्र पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धांगिन से भी संभल कर बोलना।
6 क्योंकि पुत्र पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरुद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं।
7 परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा॥
8 हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।
9 मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है, इस कारण मैं उस समय तक उसके क्रोध को सहता रहूंगा जब तक कि वह मेरा मुकद्दमा लड़ कर मेरा न्याय न चुकाएगा। उस समय वह मुझे उजियाले में निकाल ले आएगा, और मैं उसका धर्म देखूंगा।
10 तब मेरी बैरिन जो मुझ से यह कहती है कि तेरा परमेश्वर यहोवा कहां रहा, वह भी उसे देखेगी और लज्जा से मुंह ढांपेगी। मैं अपनी आंखों से उसे देखूंगा; तब वह सड़कों की कीच की नाईं लताड़ी जाएगी॥
11 तेरे बाड़ों के बान्धने के दिन उसकी सीमा बढ़ाई जाएगी।
12 उस दिन अश्शूर से, और मिस्र के नगरों से, और मिस्र और महानद के बीच के, और समुद्र-समुद्र और पहाड़-पहाड़ के बीच के देशों से लोग तेरे पास आंएगे।
13 तौभी यह देश अपने रहने वालों के कामों के कारण उजाड़ ही रहेगा॥
14 तू लाठी लिये हुए अपनी प्रजा की चरवाही कर, अर्थात अपने निज भाग की भेड़-बकरियों की, जो कर्म्मेल के वन में अलग बैठती है; वे पूर्वकाल की नाईं बाशान और गिलाद में चरा करें॥
15 जैसे कि मिस्र देश से तेरे निकल आने के दिनों में, वैसी ही अब मैं उसको अद्भुत काम दिखाऊंगा।
16 अन्यजातियां देखकर अपने सारे पराक्रम के विषय में लजाएंगी; वे अपने मुंह को हाथ से छिपाएंगी, और उनके कान बहिरे हो जाएंगे।
17 वे सर्प की नाईं मिट्टी चाटेंगी, और भूमि पर रेंगने वाले जन्तुओं की भांति अपने बिलों में से कांपती हुई निकलेंगी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा के पास थरथराती हुई आएंगी, और वे तुझ से डरेंगी॥
18 तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है।
19 वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।
20 तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से ले कर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है॥


 
 

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